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Showing posts from June 15, 2020

जगन्नाथ रथयात्रा

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जगन्नाथ रथयात्रा /  एनजीओ ने रथयात्रा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई; मंदिर में रथ निर्माण तेज, मशीनों या हाथियों से खींचे जा सकते हैं कोरोनावायरस और अम्फान जैसी आपदाओं के बावजूद रथों का निर्माण तेजी से जारी है। मंदिर परिसर में 150 से ज्यादा कारीगर रोज 15 से 16 घंटे लगातार काम कर रहे हैं। एनजीओ का तर्क- दीपावली पर पटाखे जलाने पर रोक लग सकती है, तो रथयात्रा पर क्यों नहीं 23 जून को निकलने वाली रथयात्रा को लेकर राज्य सरकार ने भी अभी तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है दैनिक भास्कर Jun 15, 2020, 04:23 PM IST पुरी.  23 जून को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार है। ओडिशा सरकार अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं ले पाई। इसी बीच एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट ने रथयात्रा को निरस्त करने को लेकर याचिका लगा दी है। पिटीशन भुवनेश्वर के ओडिशा विकास परिषद एनजीओ ने दायर की है।  याचिका में कहा गया है कि रथयात्रा कोरोना के फैलने का खुला आमंत्रण हो सकता है। अगर लोगों की सेहत को ध्यान में रखकर कोर्ट दीपावली पर पटाखे जलाने पर रोक लगा सकता ह...

अनलॉक की 10 फोटो

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अनलॉक की 10 फोटो /  कोरोना से बचने के लिए पीपीई किट पहनकर सब्जी बेच रहा, सेना में जाने के लिए युवा देसी जुगाड़ से कसरत कर रहे दैनिक भास्कर Jun 15, 2020, 11:11 AM IST नई दिल्ली.  पंजाब के जालंधर में कोरोना से खुद को सुरक्षित रखने के लिए एक सब्जी विक्रेता पीपीई किट पहनकर सब्जी बेचता नजर आया। उसने कहा, जिस इलाके में वह सब्जी बेच रहा है, वहां 4 केस हैं। सब्जी विक्रेता ने सैनिटाइजर भी साथ रखा था। रविवार को पारा 40 पार जाने के कारण उसे बार-बार ग्लब्स उतारने पड़ रहे थे। स्थानीय लोगों ने विक्रेता की तारीफ की। मुंह पर मास्क, पर हेलमेट हाथ में फोटो हरियाणा के पंचकूला की है। ये तस्वीर बताती है कि लोग अपनी जान के प्रति कितने लापरवाह हैं। इन्हें अपनी जान को लेकर कोई खास डर नहीं है। डर सिर्फ इतना है कि कहीं कोरोना संक्रमण न हो जाए। इसके लिए मास्क पहना है, लेकिन हेलमेट हाथ में लटका लिया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं कर रहे हैं। तप चुकी ईंटों पर चलना पड़ा ताे रो दिया मासूम फाेटो पंजाब के अमृतसर रेलवे स्टेशन की है। प्रवासी मजदूरों की वापसी के लिए जिला प्रशासन ने विश...

कोरोना देश में

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कोरोना देश में /  केंद्र ने राज्यों से कहा- सस्ते इलाज के लिए निजी अस्पतालों को अपने से जोड़ें, किफायती दरों पर क्रिटिकल केयर सुविधा दें, अब तक 3.43 लाख मामले फोटो गुवाहाटी की है। यहां एसएन फरीद (बाएं) ऐसा रोबोट विकसित कर रहे हैं, जो उरुका रेस्टोरेंट में कोविड-19 मरीजों के लिए बने आइसोलेशन वार्ड में खाना पहुंचाने के साथ ही दवाई भी दे रहा है। महाराष्ट्र में सोमवार को 2786 मरीज मिले, जबकि रिकॉर्ड 178 संक्रमितों ने जान गंवाई, देश में अब तक 9915 की मौत सोमवार को दस हजार से ज्यादा मरीज मिले, वहीं, इस महीने पहली बार एक दिन में 10 हजार से ज्यादा मरीज ठीक भी हुए तमिलनाडु में चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू में लॉकडाउन होगा; राज्य में 46,504 केस हैं, इनमें चेन्नई के 70% दैनिक भास्कर Jun 16, 2020, 03:44 AM IST नई दिल्ली.  देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपने यहां सस्ते इलाज के लिए निजी अस्पतालों को जोड़ने के लिए कहा है। साथ ही किफायती दरों पर क्रिटिकल केयर...

लॉकडाउन लगा तब खजुराहो में 17 विदेशी पर्यटक थे

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लॉकडाउन लगा तब खजुराहो में 17 विदेशी पर्यटक थे /  उनमें से पांच अभी भी यहीं है, नीदरलैंड के ईवन पहले रमाडा होटल में रुके थे अब आश्रम में रह रहे हैं कोरोनावायरस के कारण प्रसिद्ध खजुराहो के मंदिरों में बीते 77 दिनों से ताला लगा हुआ है। यहां के स्थानीय कारोबार और पर्यटन से जुड़े लोगों की आमदनी तीन महीने से ठप है। हर साल दिसंबर के लिए जून से ही होटल बुकिंग शुरू हो जाती थी, इस बार होटलें खाली हैं; यहां 17-18 हजार लोगों के रोजगार पर संकट यहां से 50 रुपए से लेकर पांच लाख रुपए तक की लकड़ी, पत्थर और धातुओं की मूर्तियां 60 से ज्यादा देशों में जाती हैं धर्मेंद्र सिंह भदौरिया Jun 15, 2020, 12:38 PM IST खजुराहो.  24 मार्च को जब देश में लॉकडाउन लगाया गया तब खजुराहो में 17 विदेशी पर्यटक थे। जिसमें से पांच अभी भी यहीं है। इन्हीं में से एक हैं छह फुट लंबे 47 साल के ईवन जोल्बा। ईवन नीदरलैंड के रोत्रदम से भारत घूमने आए थे और 17 मार्च को खजुराहो पहुंचे थे। उनके साथ उनकी गर्लफ्रेंड इरीन भी आईं थी, लेकिन वो खजुराहो से पहले ही अपने देश लौट गईं। कार बॉडी रिपेयरिंग का बिजनेस करने वाल...

वैष्णोदेवी यात्रा रुकने का नुकसान

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वैष्णोदेवी यात्रा रुकने का नुकसान /  300 करोड़ रु का ड्रायफ्रूट कोल्ड स्टोरेज में, एक ट्रक स्टॉक करने के लिए 40 हजार रुपए किराया देना पड़ रहा है कोरोनावायारस महामारी के कारण वैष्णोदेवी यात्रा बंद है। इससे यहां के ड्राई फ्रूट्स बेचने वाले कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। लॉकडाउन की वजह से कटरा में व्यापार को हर दिन 10 से 12 करोड़ रुपए का घाटा, यहां ड्राई फ्रूट्स की 400 दुकानें हैं, लेकिन सिर्फ 128 रजिस्टर्ड हैं हर दुकानदार ने औसतन 4 से 6 ट्रक स्टॉक कोल्ड स्टोरेज में रखा है, एक ट्रक में 5 से 6 किलोग्राम ड्राई फ्रूट्स के 500 बॉक्स रखे जाते हैं मोहित कंधारी Jun 15, 2020, 08:03 AM IST कटरा.  कटरा के रास्ते माता वैष्णो देवी श्राइन जाते समय अक्सर यात्री वहां की दुकानों में रखे ड्राई फ्रूट्स की महक महसूस करते हैं। 18 मार्च के बाद से ये सभी रास्ते वीरान पड़े हैं। इसी दिन श्री वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कोरोनावायरस के चलते एहतियातन तीर्थयात्रा बंद कर दी थी। यात्री कटरा नहीं जा रहे हैं। होटल बंद पड़े हैं, बस और रेलवे स्टेशन सूने हैं। और बाजार दोबारा गुलजार होने को मुंह ...

गरीबी और परंपरा झेलते बुंदेलखंड के 3 गांव

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गरीबी और परंपरा झेलते बुंदेलखंड के 3 गांव /  सैकड़ों किमी पैदल चलकर गांव पहुंची महिलाएं तो पैर में छाले थे, लेकिन यहां महिलाएं मर्दों के सामने चप्पलें नहीं पहनतीं झांसी की बबीना तहसील के आदिवासी बहुल गांवों की महिलाएं मर्दों के सामने चप्पले नहीं पहनतीं। गांव की 15 महिलाओं ने अनाज बैंक बनाया ताकि गांव में कोई भूखा ना सोए, अप्रैल से लेकर अब तक इसमें 11 क्विंटल गेहूं इकट्‌ठा हो गया है सूखा झेलने वाले इन गांवों के लिए बकरी पालन आय का नया साधन बना, सामाजिक संगठन गांववालों को बकरियां मुहैया कराते हैं धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया Jun 15, 2020, 10:17 AM IST झांसी/ललितपुर.  जब हम बुंदेलखंड पहुंचे तो हमें बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहे यहां के गांवों में अलग-अलग तस्वीर देखने को मिली। हमें खेमचंद मिले, जो सैकड़ों किमी पैदल चलकर अपने छोटे बच्चों के साथ शेरवास गांव आए थे। हमें सावित्री भी मिलीं, जो अपने 7 और 5 साल के बच्चे के साथ पैदल कडेसरा गांव पहुंची थी। हमें ललितपुर और झांसी जिले की बबीना तहसील के आदिवासी बहुल गांवों में तो एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। यहां सैकड़ों क...

कहानी दिल्ली के कब्रिस्तान की

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कहानी दिल्ली के कब्रिस्तान की /  45 एकड़ में से 5 बीघा कोरोना के लिए अलग किया, इसका 75% हिस्सा भर चुका है, 300 को तो शमीम दफना चुके हैं मोहम्मद शमीम बीते ढाई महीने से लगातार कोरोना से मरने वालों को दफनाने का काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिली है। वे बताते हैं, ‘शनिवार-रविवार तो छोड़िए, ईद के दिन भी मैंने तीन शव दफनाए हैं। ढाई महीने में जदीद कब्रिस्तान’ में सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों की लाश पहुंची है, यहां अमूमन पुरानी दिल्ली के निवासियों को ही दफनाया जाता रहा है शमीम ने 25 दिन पहले खुद कोरोना टेस्ट करवाया, 4500 रुपए अपनी जेब से दिए, एक शव के सिर्फ सौ रुपए मिलते हैं और इससे ज़्यादा तो ग्लव्ज, सैनिटाइजर में ही लग जाते हैं राहुल कोटियाल Jun 15, 2020, 05:54 AM IST नई दिल्ली.  ‘मोहम्मद शमीम लोगों की कब्र खोदते हैं।’ यह वाक्य बेहद क्रूर लगता है, लेकिन यही शमीम की जिंदगी की हकीकत है। ऐसी हकीकत जिसे कोरोना महामारी ने और भी ज्यादा क्रूर बना दिया है। ऐसे समय में जब लोग कोरोना से मरने वाले परिजनों के शवों को छूने से भी घबरा रहे हैं, शमीम बीते ढाई महीने से लगातार ...