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Showing posts from June 17, 2020

केदारनाथ त्रासदी के 7 साल

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केदारनाथ त्रासदी के 7 साल /  जब 17 जून की सुबह आई, तो सबकुछ तबाह हो चुका था; सिर्फ 5 दिन में उत्तराखंड में साढ़े 3 हजार मिमी बारिश हुई थी बाढ़ के अगले दिन केदारनाथ धाम के चारों ओर सिर्फ मलबा ही मलबा पड़ा हुआ था। हर तरफ कीचड़ जम गया था। केदारनाथ में 2013 में 16-17 जून को बारिश ने भयंकर तबाही मचाई थी, 18 जून को मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 7.4 मीटर ऊपर थी उत्तराखंड में बाढ़ की वजह से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2014 में 5 गुना से ज्यादा घट गई थी दैनिक भास्कर Jun 17, 2020, 05:51 AM IST देहरादून.  उस दिन तारीख थी 17 जून 2013, दिन था सोमवार और जगह केदारनाथ। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ हिमालय पर्वत के गढ़वाल क्षेत्र में आता है। धार्मिक ग्रंथों में जिन 12 ज्योतिर्लिंगों का जिक्र है, उनमें से केदारनाथ सबसे ऊंचाई पर है।  हजारों साल पुराना केदारनाथ मंदिर समुद्र तल से 11 हजार 800 फीट की ऊंचाई पर बना है। इसके पीछे हिमालय पर्वत की श्रृंखला है। इतनी ऊंचाई पर पेड़-पौधे तो होते नहीं है। यहां सिर्फ ...

दिल्ली की दुकानों का हाल

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दिल्ली की दुकानों का हाल /  ऑड-ईवन की गाइडलाइन के मुताबिक 20 दिनों से खुल रही हैं दुकानें, पर ग्राहकों की जगह किराया वसूलने मालिक आ रहे हैं दिल्ली के प्रमुख बाजारों में लॉकडाउन का बड़ा असर हुआ है। जहां कभी भीड़ इतनी होती थी कि पैर रखने की भी जगह नहीं होती थी, वह आज वीरान सा दिखता है। गांधीनगर के जिस बाजार में पैर रखने की जगह नहीं होती थी, वहां की 15 हजार दुकानों में लॉकडाउन के दो महीनों में किसी के पैर नहीं पड़े हैं मकान मालिक की रोजी यही किराया है तो दूसरी ओर दुकान में दो महीने से बिक्री जीरो है, किराया चढ़ चुका है और बिजली के बिल भी भरने पड़ रहे हैं दैनिक भास्कर Jun 17, 2020, 08:36 AM IST 8वीं कहानी नई दिल्ली से.  (भंवर जांगिड़).  लॉकडाउन के दो महीने में दिल्ली के दिलवालों की धड़कनें वेंटिलेटर पर आ गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश भर में रेडिमेड गारमेंट की सप्लाई करने वाला गांधीनगर के जिस बाजार में पैर रखने की जगह नहीं होती थी, वहां की 15 हजार दुकानों में इन दो महीनों में किसी के पैर नहीं पड़े हैंं। भले ही दुकानें ऑड-ईवन और अनलॉक की गाइडलाइन का पालन कर पिछले 15-20 दिनों से खुल...

20 घंटे घर पर पड़ा रहा पॉजिटिव मरीज का शव

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20 घंटे घर पर पड़ा रहा पॉजिटिव मरीज का शव /  पिता को एडमिट कराने बेटा 2 घंटे फोन लगाता रहा, इलाज नहीं मिला तो मौत हो गई, 38 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार एम्बुलेंस बुलवाने के लिए विधायक से लेकर सांसद के पीए तक को फोन लगवाना पड़ा, शव के पास से आने लगी थी बदबू परिवार के ही दो सदस्यों ने पीपीई किट पहनकर शव को एम्बुलेंस में रखा और जीटीबी हॉस्पिटल तक छोड़कर आए अक्षय बाजपेयी Jun 17, 2020, 06:00 AM IST नईदिल्ली.  दिल्ली में एक बेटा अपने पिता को हॉस्पिटल में एडमिट करवाने के लिए दो घंटे तक दिल्ली सरकार के दिए नंबरों पर फोन करता रहा लेकिन कोई जवाब  नहीं मिला। इलाज नहीं मिला तो पिता की मौत हो गई। मौत के बाद एम्बुलेंस बुलाने के लिए विधायक से लेकर सांसद के पीए तक को फोन लगा दिया।  बावजूद इसके 20 घंटे तक शव घर में ही पड़ा रहा और 38 घंटे बाद अंतिम संस्कार हो पाया। घंटों इंतजार के बाद हीरा पांडे का शव पैक करने के लिए तीन कर्मचारी पहुंचे थे। दिल्ली में रहने वाले राकेश पांडे के पिता हीरा पांडे को 11 जून को हल्की खांसी और बुखार था। बेटे ने उन्हें पास के एक डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने  क...

एक्सप्लेनर: चीन के साथ विवाद की पूरी कहानी

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एक्सप्लेनर: चीन के साथ विवाद की पूरी कहानी /  58 साल में चौथी बार एलएसी पर भारतीय जवान शहीद हुए, 70 साल में बतौर पीएम मोदी सबसे ज्यादा 5 बार चीन गए भारत-चीन सेना के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प से पहले 1975 में अरुणाचल के तवांग में विवाद हुआ था, तब 4 सैनिक शहीद हुए थे 1967 में सिक्किम बॉर्डर के पास दोनों सेनाएं आमने-सामने आई थीं, तब भारत के 80 सैनिक शहीद हुए थे, चीन के 400 सैनिक मारे गए थे 1962 की जंग में भारत के 1383 सैनिक शहीद हुए थे, 1696 लापता और 3968 सैनिक बंदी बनाए गए थे, चीन के 722 सैनिक मारे गए थे दैनिक भास्कर Jun 17, 2020, 10:49 PM IST भारत और चीन के बीच विवाद का इतिहास जमे हुए पानी की तरह है, जिस पर बस उम्मीद फिसलती है, नतीजे नहीं। चीन ने 58 साल में चौथी बार भारत के साथ बड़ा विश्वासघात किया है। वजह- फिर वही सीमा विवाद, जो 4056 किमी लंबी है और यह हिमालय रेंज में पश्चिम से पूरब की ओर जाती है। दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित है। जहां सबसे मुश्किल हालातों में सैनिक तैनात रहते हैं। जहां कई जगहों पर सालभर तापमन शून्य से नीचे रहता है। यह दुनिया की ऐसी सबसे बड़ी सीमा भी मानी जा...

बॉर्डर पर सेना का मूवमेंट बढ़ा

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बॉर्डर पर सेना का मूवमेंट बढ़ा /  लद्दाख इलाके में तैनात सेना की सभी यूनिट की वापसी पर रोक, देमचोक और पैंगॉन्ग लेक के आसपास के गांव खाली कराए जाएंगे तस्वीर श्रीनगर-लेह हाईवे की है। सेना का काफिला लेह की तरफ जा रहा है। फोटो- आबिद बट। सीमा से सटे इलाकों में मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं, यहां तक कि सेना के लैंडलाइन फोन भी बंद हैं लेह सिटी के बाहर सेना के अलावा सभी मूवमेंट पर रोक, श्रीनगर-लेह हाईवे भी आम लोगों के लिए बंद नई दिल्ली.  15 जून की घटना के बाद सेना ने लेह और बाकी सरहदों पर अपना मूवमेंट बढ़ा दिया है। इसके साथ ही लद्दाख से जो भी यूनिट्स पीस स्टेशन लौटने वाली थीं, उन्हें वहीं रुकने को कहा है। सेना ने लद्दाख के आसपास के इलाकों में तैनात अपनी यूनिट्स को लेह में कभी भी मूव करने के लिए तैयार रहने के आदेश दिए हैं। खासतौर पर कश्मीर और जम्मू में मौजूद यूनिट्स को किसी भी वक्त लेह जाने के ऑर्डर दिए जा सकते हैं। लेह सिटी के बाहर सेना के अलावा सभी मूवमेंट पर रोक लगा दी गई है। श्रीनगर-लेह हाईवे को भी आम लोगों के लिए बंद कर दिया है। फोटो- आबिद बट। लद्दाख में सीमा से सटे गांव...

चीन की 10 हरकतें

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चीन की 10 हरकतें /  नक्शे पर भारतीय इलाकों को अपना दिखाता रहा, भारत ने पूछा तो बोला- नया नक्शा बनाने का टाइम नहीं; 63 साल पहले बिना बताए अक्साई चिन से हाईवे निकाला 1954 और 1958 में चीन ने किताबों और मैगजीन में छापे नक्शे में भारतीय इलाकों को भी अपना हिस्सा दिखा दिया 1956-57 में चीन ने शिंजियांग से तिब्बत तक हाईवे बना दिया, इसकी सड़क अक्साई चिन से भी गुजार दी, भारत को इसकी जानकारी भी नहीं दी Jun 18, 2020, 06:34 AM IST नई दिल्ली.  भारत-चीन के बीच 42 दिन से जारी तनाव अब गहराता जा रहा है। सोमवार रात लद्दाख के पास गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। इस झड़प में चीन के भी 43 सैनिकों के हताहत होने की खबर है, लेकिन चीन ने अभी तक इसे कबूला नहीं है। पिछले महीने 5 मई को पूर्वी लद्दाख में दोनों सेनाओं के 200 सैनिक आमने-सामने आ गए थे। तनाव बढ़ने लगा था। फिर दोनों देशों के बीच बातचीत भी हुई और तनाव थोड़ा कम भी हुआ। लेकिन, सोमवार रात को हिंसक झड़प होने के बाद तनाव अब और बढ़ गया है। लेकिन, ये पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह की हरकत की ...