बेवजह 14 फिल्मों से निकाले जाने से डिप्रेस हो गए थे
इंडस्ट्री में खेमेबाजी / बेवजह 14 फिल्मों से निकाले जाने से डिप्रेस हो गए थे अध्ययन सुमन, पिता शेखर सुमन बोले- 'वो भी सुशांत की राह पर था'
दैनिक भास्कर
Jun 27, 2020, 09:04 PM ISTअमित कर्ण.
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही बॉलीवुड में एक लंबी बहस छिड़ गई है। इसमें ग्रुपिज्म, नेपोटिज्म और कैंप चलाने जैसे कई मुद्दे शामिल हैं। इसी बीच शेखर सुमन ने भी अपने बेटे के साथ हुए भेदभाव पर बात की है। भास्कर से बातचीत के दौरान शेखर ने बताया कि उनके द्वारा कही गई चंद बातों का बदला उनके बेटे अध्ययन से लिया गया था जिससे अध्ययन डिप्रेशन का भी शिकार हो गए थे।
इंडस्ट्री में लोगो का इगो बहुच जल्दी हर्ट होता है
बॉलीवुड में खेमेबाज स्ट्रांग तो हैं। कुनबा परस्ती को उन सब लोगों ने बनाया है, जिनके पास पैसा है, नाम है, जिनकी फिल्में आम लोग देखते हैं, जो मुकाम पर पहुंच चुके हैं। ऐसे चंद लोग आपस में मिले हुए हैं और पावरफुल हो चुके हैं। जैसे अंडरवर्ल्ड में भी होता है कि दो-तीन बड़े डॉन आपस में मिल जाते हैं और उनके इर्द-गिर्द छोटे-मोटे हैं डॉन काम करने लग जाते हैं। और रूल करते हैं इसी तरह से ऐसा नेक्सेस बॉलीवुड में भी है। उनका इगो बहुत जल्दी हर्ट हो जाता है।
मेरे बजाय मेरे बेटे से बदला निकाला
मैंने अपने टेलीविजन के टाइम पर बहुत ऐसे शो किए थे। 'पोल खोल', 'मूवर्स एंड शेकर्स', जिनमें मैंने बड़े लोगों के नाम लेकर बातें की। उन पर तंज कसा था पर वह हर्ट करने के लिए तो नहीं था। उनसे संभव हो सकता है कि इंडस्ट्री के सो कॉल्ड बड़े लोगों का ईगो हर्ट हुआ और उन्होंने बदला मेरे बजाय मेरे बेटे से निकाला।
अध्ययन को फिल्म से निकालने के लिए ऊपर से ऑर्डर आते थे
इसका पता मुझे तब लगा जब मुंबई में नाज बिल्डिंग में रहने वाले डिस्ट्रीब्यूटर और ट्रेड पंडितों ने बताया। उस बिल्डिंग में हर बनने वाली फिल्म का पता वहां आने जाने वाले डिस्ट्रीब्यूटर और ट्रेड पंडितों को रहता है। वहां कई लोगों ने मुझसे कहा कि शेखर प्रोड्यूसर्स को क्या आपके बेटे से कोई प्रॉब्लम है? कोई डायरेक्टर अगर फिल्म बनाना चाहता है तो ऊपर से ऑर्डर आ जाता है कि उसके बेटे को कास्ट नहीं करना है। इस पर मैंने हैरानी जताते हुए कहा कि मेरी ओर से तो कोई दुश्मनी नहीं है। सामने वाले ने अगर ठान ली हो तो उसका मुझे पता नहीं।
14 फिल्मों से निकाला गया
आपको जानकर हैरानी होगी कि अध्ययन को उसके करियर के दो तीन फिल्मों के बाद तकरीबन 14 फिल्में ऑफर की गई, लेकिन कोई ना कोई बहाना बनाकर उन फिल्मों से अध्ययन को हटा दिया गया। किसी और से रिप्लेस कर दिया गया। वजह बताई गई कि 2 साल बाद बनेंगी। कुछ में कहा गया कि अभी बाकी स्टार कास्ट की डेट्स नहीं है। इस तरह से अध्ययन को दो-तीन साल खाली रख दिया गया। कोई फिल्म अध्ययन नहीं कर पाए। फिर इंप्रेशन यह बन गया प्रोड्यूसर्स बिरादरी के बीच कि अध्ययन में कोई कमी है। तभी उनके हाथ में फिल्म नहीं है।
अध्ययन भी सुशांत की गति प्राप्त कर सकते थे
उन्हें नालायक बनाने की कोशिश इसी ग्रुपिज्म वाले लोगों ने की। उसका नतीजा रहा कि अध्ययन डिप्रेशन में आ गए। वह तो कहिए कि हम और परिवार सदा उनके साथ रह रहे थे, वरना आज शायद अध्ययन भी सुशांत की गति प्राप्त कर सकते थे।
वह 14 फिल्में कौन सी थी, वह बताना उचित नहीं होगा। वरना अभी भी इंडस्ट्री में तो उन खेमेबाज का नेक्सेस है ही। वह आगे मेरे बेटे का मुस्तकबिल खराब कर सकते हैं। मैं तो लड़ जाऊंगा। कुछ भी कर जाऊंगा, पर हर कोई उतना हिम्मती नहीं होता। फिलहाल इन दिनों अध्ययन ने प्रकाश झा की एक वेब सीरीज की है। उसमें बॉबी देओल के साथ हैं।
Comments
Post a Comment