6 मुस्लिम डॉक्टरों के नाम वाली आयुष मंत्रालय के वैज्ञानिकों की लिस्ट वायरल, कोरोनिल केस को दिया जा रहा नया रंग
फेक vs फैक्ट / 6 मुस्लिम डॉक्टरों के नाम वाली आयुष मंत्रालय के वैज्ञानिकों की लिस्ट वायरल, कोरोनिल केस को दिया जा रहा नया रंग
दैनिक भास्कर
Jun 28, 2020, 06:00 AM ISTक्या वायरल : सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें 6 नामों की एक है। दावा है कि ये आयुष मंत्रालय में दवाईयों पर रिसर्च और अप्रूवल देने वाले साइंटिफिक पैनल के वैज्ञानिकों के नाम हैं। पतंजलि की कोरोनिल दवा को आयुष मंत्रालय की अनुमति न मिलने के पीछे इन 6 लोगों को ही जिम्मेदार बताया जा रहा है।
वायरल मैसेज
आयुष मंत्रालय में दवाईयों पर रिसर्च और अप्रूवल देने वाले साइंटिफिक पैनल के
टॉप 6 साइंटिस्टों का नाम पढ़िए
•असीम खान
•मुनावर काजमी
•खादीरुन निशा
•मकबूल अहमद खान
•आसिया खानुम
•शगुफ्ता परवीन
बाकी समझ जाईये की रामदेव के कोरोनिल दवा पर रोक क्यों लगी थी, यही है सिस्टम जिहाद.?
लेकिन ये अनपढ़ प्रजाति वहां नियुक्त कैसे हुई जानते हैं
इन 6 जनों को नियुक्ति किसने दी ?कांग्रेस ने आयुष विभाग में 2004 से2014 के बीच सभी को भर्ती कर लिया अब इंतज़ार करो इनके रिटायर होने का
क्या आयुर्वेद से इनका पहले से कोई लेना-देना है ? ये सारे युनानी वाले लोग है युनानी में दाखिला के लिए उर्दू कम्पल्सरी होता है
ये तो अपना काम करेंगे ही,
पहले पता नहीं था क्या ?
आयुष निदेशक -मुजाहिद हुसैन.
किसी भी जिहादी मानसिकता वाले व्यक्ति को कोई संविधानिक पद ना दिया जाये , वे पद की गरिमा अनुसार कार्य करने में असमर्थ होते हैं , पद कि मर्यादा और पद के साथ न्याय नहीं कर सकते हैं ।
कुछ यूजर जिन्होंने फेसबुक पर यह मैसेज पोस्ट किया

https://www.facebook.com/photo?fbid=1750896085050253&set=a.109965119143366

https://www.facebook.com/vikram.raghav.984991/posts/1446663785517267

https://www.facebook.com/NationalistPushpendra/posts/573259110049989
ट्विटर पर भी लोग यह लिस्ट ट्वीट कर रहे हैं


https://twitter.com/arunpandey988/status/1276886703928602624
फैक्ट चेक पड़ताल
चूंकि दावा आयुष मंत्रालय से जुड़ा है। इसलिए हमने सबसे पहले मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दवाइयों का अप्रूवल देने वाली टीम की लिस्ट खोजी। यहां ऐसी कोई भी लिस्ट हमें नहीं मिली।

भारत सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक पर सरकार ने ट्वीट कर कहा है कि आयुष मंत्रालय में इस तरह का कोई भी पैनल नहीं है।

निष्कर्ष : आयुष मंत्रालय में दवाओं को अप्रूवल देने वाले पैनल के सदस्यों के नाम की सूची फेक है। खुद सरकार ने इसे गलत बताया है।
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