गृहमंत्री अमित शाह के चैलेंज पर कैप्टन अमरिंदर बोले- राहुल गांधी संसद में चर्चा जरूर करेंगे

भारत-चीन सीमा विवाद / गृहमंत्री अमित शाह के चैलेंज पर कैप्टन अमरिंदर बोले- राहुल गांधी संसद में चर्चा जरूर करेंगे

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।

  • हिंसक झड़प को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम पर तंज कसते हुए कहा था-नरेंद्र मोदी वास्तव में 'सरेंडर मोदी' हैं
  • रविवार को अमित शाह ने कहा था- संसद होनी है...चर्चा करनी है आइए, चर्चा करेंगे कौन चर्चा करने से डरता है

दैनिक भास्कर

Jun 29, 2020, 06:03 PM IST

चंडीगढ़/जालंधर. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार किया। कैप्टन ने गृहमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा, 'हमें विश्वास है कि राहुल गांधी संसद में अपनी बात रखेंगे और सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे'। दरअसल, इन दिनों भारत और चीन के बीच चल रहे लद्दाख सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों में तनाव चरम पर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चैलेंज करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा था कि 1962 से अब तक की स्थिति पर संसद में चर्चा के दौरान दो-दो हाथ हो ही जाए। वह किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने में पीछे हटने वाले नहीं हैं।

हाल में ही भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी वास्तव में 'सरेंडर मोदी' हैं। राहुल गांधी ने ये बयान पीएम मोदी के उस बयान पर दिया था, जिसमें पीएम ने कहा था कि चीन हमारी सीमा रेखा में न घुसा है, न घुसा था और न ही उसने हमारी कोई जमीन कब्जा रखी है।

इस पर रविवार को गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कभी भी संसद में इस मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं, लेकिन जिस समय सैनिक चीन का सामना कर रहे हैं, उस समय ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिनसे पाकिस्तान और चीन को फायदा हो। न्यूज एजेंसी को दिए इस इंटरव्यू के दौरान जब गृहमंत्री अमित शाह से लद्दाख की मौजूदा स्थित के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर अभी किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से मना कर दिया।

गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के सरेंडर मोदी वाले बयान पर हमला बोलते हुए कहा कि, 'संसद होनी है...चर्चा करनी है आइए, चर्चा करेंगे कौन चर्चा करने से डरता है। 1962 से अब तक की स्थिति पर चर्चा के दौरान दो-दो हाथ हो ही जाए। लेकिन जब भारत-चीन सीमा पर देश के जवान संघर्ष कर रहे हों और इस दौरान सरकार स्टैंड लेकर ठोस कदम उठा रही है उस समय उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए जिससे पाकिस्तान या चीन को खुशी हो'।

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