इनकी कोरोना से जंग एक मिसाल

इनकी कोरोना से जंग एक मिसाल / न्यूजीलैंड में सदी की सर्वाधिक लोकप्रिय पीएम, बराक ओबामा से होती है इनकी तुलना

The most popular PM of the century in New Zealand, he is compared to Barack Obama

  • जेसिंडा की लोकप्रियता का आलम यह है कि उनके लेबर पार्टी प्रमुख बनने के साथ ही न्यूजीलैंड में "जेसिंडामेनिया'' ट्रेंड करने लगा था।
  • कॉलेज में रहते हुए जेसिंडा ने यूनिफॉर्म में लड़कियों को ट्राउजर्स पहनने की छूट के लिए कॉलेज प्रशासन से लड़ाई लड़ी। यह पहली राजनीतिक जीत थी।

दैनिक भास्कर

Jun 13, 2020, 04:47 PM IST

39 साल की जेसिंडा अर्डर्न को न्यूजीलैंड का प्रधानमंत्री बने महज दो साल और आठ महीने ही हुए हैं, लेकिन उनकी उपलब्धियां न्यूजीलैंड के इतिहास में अब तक रहे राष्ट्रप्रमुखों से कहीं ज्यादा हैं। न्यूजीलैंड में हाल ही में हुए न्यूज़हब रिसर्च पोल के अनुसार जेसिंडा न्यूजीलैंड की सदी की सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री बन गई हैं।

न्यूजीलैंड को कोरोनावायरस से मुक्त कराकर वह अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में हैं। इससे पहले मार्च 2019 में क्राइस्टचर्च में हुए हमले के बाद जेसिंडा की पीड़ित परिवारों से गले मिलते हुए तस्वीरों ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हमले के बाद जेसिंडा की प्रतिक्रिया और सकारात्मक रवैये के कारण टाइम मैग्जीन ने उन्हें पर्सन ऑफ द ईयर के लिए भी नॉमिनेट किया था। 
न्यूजीलैंड की आबादी 50 लाख है। वहां पिछले 22 दिनों से एक भी केस नहीं मिला है। हालांकि एहतियातन लोगों की टेस्टिंग जारी है। यहां सात हफ्ते के लॉकडाउन के बाद पाबंदियां हट रही हैं।न्यूजीलैंड में कोरोना के 1154 मामले आए थे, 22 लोगों की मौत हुई थी।

तीन बार चुनाव हारा, फिर भी सांसद बनीं
2008 में जेसिंडा ने पहली बार चुनाव लड़ा, लेकिन हारने के बाद भी वह संसद पहुंचीं।  2011 और 2014 में भी वह चुनाव हार गईं, लेकिन फिर से लिस्ट कैंडिडेट के रूप में संसद गईं। 2017 में ऑकलैंड के माउंट अल्बर्ट सीट से वह चुनाव जीतीं। लेबर पार्टी के उपनेता के इस्तीफे के बाद वह पार्टी में नंबर दो बनीं। इसके बाद अगस्त 2017 में पार्टी प्रमुख बनीं और अक्टूबर में पीएम। 

ट्राउजर पहनने के हक के लिए लड़ीं
जेसिंडा 8 साल की उम्र में शहर के मानवाधिकार संगठन के साथ जुड़ गई थीं। 17 साल की उम्र में उन्होंने लेबर पार्टी जॉइन की। कॉलेज में रहते हुए जेसिंडा ने यूनिफॉर्म में लड़कियों को ट्राउजर्स पहनने की छूट के लिए कॉलेज प्रशासन से लड़ाई लड़ी। जेसिंडा कहती हैं कि यह उनकी पहली राजनीतिक जीत थी। वह ढाई साल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के ऑफिस में भी रहीं।

फल बेचे, बेकरी में भी काम किया
जेसिंडा का जन्म न्यूजीलैंड के हैमिल्टन में हुआ। पिता रॉस पुलिस में काम करते थे, वहीं मां लॉरेल स्कूल केटरिंग का काम करती थीं। इनके पिता की फलों की दुकान थी। स्कूल से आने के बाद वह फल बेचती थीँ। उन्होंने एक बेकरी की दुकान में भी कुछ समय तक काम किया। उन्हें ट्रैक्टर चलाने का शौक था, लेकिन एक बार एक्सीडेंट करने के बाद घरवालों ने उन्हें ट्रैक्टर देना बंद कर दिया। लोग इनकी तुलना बराक ओबामा से करते हैं।

न्यूजीलैंड की तीसरी महिला प्रधानमंत्री
जेसिंडा न्यूजीलैंड की 40वीं और बतौर महिला तीसरी प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले जेनी शिपले और हैलेन क्लार्क पीएम रही हैं। वह दुनिया की दूसरी सबसे युवा पीएम हैं। 34 साल की फिनलैंड की पीएम सना मरीन दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री हैं।

"जेसिंडामेनिया'' ट्रेंड करने लगा

जेसिंडा की लोकप्रियता का आलम यह है कि उनके लेबर पार्टी प्रमुख बनने के साथ ही न्यूजीलैंड में "जेसिंडामेनिया'' ट्रेंड करने लगा था। अचानक ही लेबर पार्टी को मिलने वाली फंडिंग भी कई गुना बढ़ गई थी। 9 सालों से सत्ता से दूर लेबर पार्टी जेसिंडा के आने के बाद जीत गई थी। न्यूजीलैंड के लोग लीडरशिप के मामले में उनकी तुलना बराक ओबामा से करते हैं, तो पर्सनैलिटी के मामले में तुलना कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो से करते हैं।

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