अब मजदूरों को रोजी-रोटी की चिंता
अब मजदूरों को रोजी-रोटी की चिंता / कोरोना के डर से जाने वाले श्रमिक नई उम्मीद के साथ लौटने लगे, 27 दिन में 70 हजार कामगार सूरत वापस आए
- लॉकडाउन में अपने राज्यों में जाने वाले श्रमिक लौट रहे
- इसका सबसे बड़ा कारण ज्यादा वेतन का ऑफर है
लवकुश मिश्रा
Jun 30, 2020, 06:19 AM ISTसूरत. कोरोना के डर और भूख से लाॅकडाउन में अपने गांव चले गए श्रमिक नई उम्मीद के साथ सूरत वापस लाैटने लगे हैं। पिछले 27 दिनों में 70 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिक सूरत वापस लाैट चुके हैं। अनलाॅक-1 में श्रमिकों को कोरोना से ज्यादा रोजी-रोटी की चिंता सता रही है। कारखाने के मालिक श्रमिकों को फोन करके वापस बुला रहे हैं और ज्यादा वेतन देने की बात कह रहे हैं।
इससे जिस तेजी से श्रमिक गांव गए थे, उससे दोगुनी रफ्तार से शहर लौटने लगे हैं। पश्चिम रेलवे की कोविड स्पेशल ट्रेनों से गुजरात आने वालों को संख्या तीन लाख से ज्यादा हो चुकी है। इनमें 70 हजार से ज्यादा श्रमिक सूरत लौटे हैं। इन्हें स्क्रीनिंग के बाद शहर में आने दे रहे हैं।
यूपी-बिहार से अब तक सूरत लौट चुके हैं 50 हजार से ज्यादा श्रमिक
यूपी-बिहार से 50 हजार से ज्यादा श्रमिक आ चुके हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ज्यादा वेतन का ऑफर है। 09046 छपरा-सूरत ताप्ती गंगा से 1 जून से 27 जून तक 29 हजार प्रवासी आए। 09090 गोरखपुर-अहमदाबाद ट्रेन से इसी अवधि में 38 हजार, जिसमें सूरत के 18 हजार प्रवासी शामिल हैं, 09084 मुजफ्फरपुर-अहमदाबाद से 37 हजार लोग आए।
राजस्थान से स्पेशल ट्रेन से 17 हजार प्रवासी सूरत लौटे
राजस्थान से 38370 प्रवासी गुजरात आए, जिसमें 17 हजार सूरत आए। पश्चिम बंगाल से आने वाली हावड़ा-अहमदाबाद ट्रेन से 38370 प्रवासी आए, जिसमें से 13 हजार सूरत पहुंचे। 02918 निजामुद्दीन-अहमदाबाद से कुल 14702 प्रवासी अहमदाबाद पहुंचे।
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