ऑडियो टेप मामले में नहीं, जानें फिर क्यों दाखिल हुई राजस्थान के 104 विधायकों के खिलाफ याचिका

ऑडियो टेप मामले में नहीं, जानें फिर क्यों दाखिल हुई राजस्थान के 104 विधायकों के खिलाफ याचिका

rajasthan cm ashok gehlot has said that he was not on talking terms with sachin pilot for about 18 m

राजस्थान की सियासत में इन दिनों एक ऑडियो टेप को लेकर बवाल मचा हुआ है। वहीं इन सब के बीच राजस्थान सरकार में शामिल सभी 104 विधायकों के खिलाफ एक याचिका मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष दाखिल की गई। यह याचिका ऑडियो टेप को लेकर नहीं बल्कि राजस्थान सरकार के 104 विधायकों के कोविड-19 के नियमों को तोड़ने क खिलाफ दाखिल की गई है। 

इस याचिका के साथ सभी 104 विधायकों की सूची लगाई गई है और कोविड-19 दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों को भी मामले में पक्षकार बनाया गया है।

याचिकाकर्ता एडवोकेट ओम प्रकाश ने दलील में कहा कि 13 जुलाई से आज तक होटल फेयरमोंट और मुख्यमंत्री के आवास पर 300 से 500 लोगों की भीड देखी गई है, जिसमें सत्तारूढ़ गठबंधन के 104 विधायक शामिल हैं। यह कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पूरी तरह से उल्लंघन है, जो महामारी को देखते हुए सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुरक्षा उपायों के लिए अनिवार्य है।

याचिका में कहा गया है कि कई मीडिया चैनलों की फुटेज में विधायकों को फुटबॉल, लूडो आदि खेलते हुए देखा गया, जिसमें वे सोशल डिस्टेंसिंग नियमों की पूरी तरह से अवहेलना कर रहे थे।

इसी तरह की स्थिति 19 जून को देखी गई थी, जब राज्यसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने होटल शिव विलास में सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों को इकट्ठा किया था।

यह मुकदमा सीआरपीसी की धारा 188, 269, 270, 271 और 505 के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 के साथ राजस्थान धूम्रपान निषेध अधिनियम की धारा 9 और 11 और आईपीसी की धारा 120 बी शामिल है।

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