बाबरी केस में जोशी के बयान दर्ज:सीबीआई कोर्ट में मुरली मनोहर जोशी से 1050 सवाल पूछे गए, ज्यादातर के जवाब में कहा- मैं निर्दोष हूं
बाबरी केस में जोशी के बयान दर्ज:सीबीआई कोर्ट में मुरली मनोहर जोशी से 1050 सवाल पूछे गए, ज्यादातर के जवाब में कहा- मैं निर्दोष हूं
- बाबरी में विवादित ढांचा ढहाने के मामले में 6 दिसंबर 1992 को एफआईआर दर्ज हुई थी
- जोशी ने कहा- राजनीतिक बदले की भावना के चलते ही यह पूरा मामला चलाया गया
अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचा गिराए जाने के मामले में गुरुवार को सीबीआई कोर्ट में भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने बयान दर्ज कराया। दिल्ली में मौजूद जोशी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने बयान दर्ज करवाए। उनसे 1050 सवाल पूछे गए थे। ज्यादातर के जवाब में जोशी ने खुद को बेगुनाह बताया। उन्होंने कहा कि मैं घटना में शामिल नहीं था। राजनीतिक कारणों के कारण मुझे फंसाया गया है।
जोशी ने कहा- पूरा मामला राजनीति से प्रेरित, सही वक्त आने पर सफाई दूंगा
- विशेष जज एसके यादव के सामने जोशी ने कहा- मामले की पूरी जांच राजनीति से प्रेरित थी। गलत और झूठे सबूत जुटाकर केस में मुझे आरोपी बनाया गया। पूरा मुकदमा ही सियासी दुश्मनी की वजह से चला। सही वक्त आने पर मैं सफाई दूंगा।
- जज ने जोशी को बताया कि सीबीआई के गवाह ने कहा है कि 25 जून 1991 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कल्याण सिंह अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अयोध्या में विवादित स्थल पर गए थे और उन्होंने वहां मंदिर बनवाने की बात कही थी। नारा लगाया था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर यहीं बनाएंगे। इस बारे में आपका क्या कहना है? इस पर जोशी ने कहा कि कल्याण का अयोध्या जाना सच है और बाकी सब झूठ।
- कोर्ट ने गवाह की तरफ से दी गई 26 जून 1991 की एक फोटो के बारे में जोशी से सवाल किया। इस फोटो में जोशी कल्याण सिंह व दूसरे नेताओं के साथ दिख रहे हैं। जोशी ने कहा कि फोटो गलत है और फोटो के साथ कोई निगेटिव कोर्ट में पेश नहीं किया गया।
कल आडवाणी के बयान दर्ज होंगे
शुक्रवार को इस केस में लालकृष्ण आडवाणी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज कराएंगे। इससे पहले बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने आडवाणी से मुलाकात की थी। बताया गया कि मुलाकात बाबरी केस और आडवाणी के बयान के सिलसिले में ही थी।
अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाने के मामले में 6 दिसंबर 1992 को थाना राम जन्मभूमि में एफआईआर दर्ज की गई थी। सीबीआई ने 49 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिली की थी। इनमें 17 आरोपियों की मौत हो चुकी है। चार्जशीट में आडवाणी, उमा भारती, कल्याण सिंह, अशोक सिंघल, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा समेत 13 नेताओं के नाम हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई हो रही
सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को सीबीआई की विशेष कोर्ट को 31 अगस्त तक सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाहों के बयान दर्ज करने का भी आदेश दिया था।

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