मोदी और अमिताभ के नाम पर ऐंठ रहा पैसे,
फैक्ट चेक स्टिंग / यूपी के मिर्जापुर में बैठा धोखेबाज, मोदी और अमिताभ के नाम पर ऐंठ रहा पैसे, 25 लाख देने के लिए मांग रहा 15 हजार एडवांस
मुम्बई में जहां केबीसी के 12वें सीजन की तैयारी चल रही है। वहीं मिर्जापुर में बैठे जालसाजों ने फ्रॉड का नया जाल बुन लिया है। ये जालसाज अलग-अलग लोगों के वॉट्सएप पर एक मैसेज भेजते हैं। जिसमें केबीसी लॉटरी जीतने का दावा किया जाता है।
आधार और बैंक डिटेल लेने के बाद लॉटरी में जीती गई रकम का लालच देकर लोगों से एडवांस में टैक्स मांगा जाता है। भास्कर के पाठक ने हमारी फैक्ट चेक हेल्पलाइन पर एक ऐसा ही फर्जी मैसेज भेजा और इसकी पड़ताल करने को कहा।
- ऑडियो में खुद को विजय कुमार बताने वाला शख्स कहता है कि आपने 25 लाख रुपए का ईनाम जीता है।

- वीडियो के बैकग्राउंड में पीएम मोदी और अमिताभ बच्चन की फोटो है। साथ में एक वॉट्सएप्प नंबर के साथ चार अंकों का कोड लिखा हुआ है। यूजर से कहा जाता है कि - पोस्टर में लिखे हुए नंबर पर वॉट्सएप कॉल करें और वहां लॉटरी कोड बता दें।

वॉटसएप पर यह वीडियो भेजा जाता है

कुछ यूजर्स को वीडियो की बजाए ऑडियो क्लिप और मैसेज भी भेजे जा रहे हैं।
जालसाज किस तरह लोगों को लालच देकर उनसे पैसे ऐंठते हैं। इसकी पूरी प्रोसेस को समझने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने जालसाजों से सम्पर्क कर कहा कि उसे लॉटरी वाला मैसेज मिला है। वे राजी हुए और इस पूरे फर्जीवाड़े का सच सामने आया।
4 कॉल से समझिए फर्जीवाड़े का सच
- पहली कॉल
रिपोर्टर - मैं..बोल रहा हूं। वॉट्सएप पर केबीसी को लेकर एक मैसेज आया है।
धोखेबाज - अच्छा। बेटा आपको जो वीडियो मिला है, वो मुझे भेज दो। मैं चेक कर लेता हूं।
रिपोर्टर - ठीक है सर।
- दूसरी कॉल
रिपोर्टर - जी मैं ..... बोल रहा हूं. मैंने आपके नंबर पर डॉक्यूमेंट्स भेज दिए हैं.
धोखेबाज - हां, मैंने चेक कर लिया है. आपका 25 लाख रुपए का ईनाम खुला है. सिम कार्ड आपके नाम पर ही है क्या?
रिपोर्टर - सिम कार्ड शायद घर में किसी और के नाम पर है.
धोखेबाज - पैसा किसके नाम पर चाहिए?
रिपोर्टर - पैसा तो अपने ही नाम पर चाहिए.
धोखेबाज - आधार नंबर अकाउंट से लिंक है ?
रिपोर्टर - हां, है.
धोखेबाज - एक मिनट के अंदर मेरे वॉट्सएप पर आधार कार्ड और पासबुक की फोटो भेज दो.
- तीसरी कॉल
धोखेबाज - हैलो.
रिपोर्टर - जी सर, मैंने कागज भेज दिए.
धोखेबाज - पर भेजने के बाद आपने डिलीट क्यों किए?
रिपोर्टर - सर क्योंकि आपने फोन उठाना बंद कर दिया था. मुझे लगा पता नहीं क्या बात है?
धोखेबाज - अरे कई लोगों की लाइन लगी है। आप अकेले नहीं हैं.
रिपोर्टर - टीक है मैं दोबारा भेजता हूं.
धोखेबाज - हां भेजो.
- चौथी कॉल
रिपोर्टर - हेलो सर
धोखेबाज - आपका खाता किस बैंक में है?
रिपोर्टर - ... बैंक में
धोखेबाज - एटीएम या नेट बैंकिंग का उपयोग करते हो?
रिपोर्टर - नेट बैंकिंग तो नहीं सर. पर एटीएम चलाना आता है.
धोखेबाज - मुझे आपका चेक जमा करना है. लेकिन, सरकार का जो टैक्स लगता है वो देना होगा.
रिपोर्टर - हां सर. पैसा आते ही दे दूंगा.
धोखेबाज - अरे टैक्स पहले देना होगा.
रिपोर्टर- टैक्स तो पैसा आने के बाद देना होता होगा न ?
धोखेबाज - ये ऑनलाइन चार्ज है.पहले ही देना होता है.
रिपोर्टर - कितना
धोखेबाज - 15,000 रुपए
रिपोर्टर - इतना पैसा तो मैं पहले नहीं दे सकता सर
धोखेबाज - वो तो भेजना होगा. तभी पैसा मिलेगा.
रिपोर्टर - सर कुछ कम हो सकता है क्या ? इतने पैसे देना मुश्किल है मेरे लिए.
धोखेबाज - कितने दे सकते हो?
रिपोर्टर - 2,000
धोखेबाज - ये तो बहुत कम है। 8000 रुपए भेज दो तो 25 लाख का आधा पैसा मिल जाएगा.
रिपोर्टर - सर 8,000 मुश्किल है.
धोखेबाज - अब तुम देख लो। पैसा दिए बिना नहीं हो पाएगा।
रिपोर्टर - कल सुबह तक भेजूं तो चलेगा क्या सर ?
धोखेबाज - आज ही भेज सको तो भेज दो। मुझे ऑफिस बंद करके घर भी जाना है, कब तक भेज पाओगे?
रिपोर्टर - सर, मैं 7:30 बजे तक भेजता हूं।
धोखेबाज - ठीक है मैं आपको अकाउंट नंबर दे रहा हूं। उसपर पैसे भेज दो। पैसा ट्रांसफर होने के बाद जो मैसेज आए मुझे भेजना।
रिपोर्टर - कोई दिक्कत तो नहीं होगी न सर?
धोखेबाज - भैया ये काम भरोसे पर होते हैं। आपको भरोसा है तो करो।
रिपोर्टर - ठीक है आप अकाउंट नंबर दे दीजिए भेजता हूं।
नोट - इस बातचीत के कॉल रिकॉर्ड दैनिक भास्कर की फैक्ट चेक टीम के पास सुरक्षित हैं।

स्टिंग में समझ आया इस प्रोसेस के तहत ठगी करते हैं जालसाज
- कॉल करने के बाद वॉट्सएप्प पर दस्तावेज मंगवाए जाते हैं।
- दस्तावेज देने के बाद 15,000 रुपए ट्रांसफर करने को कहा जाता है।
- रुपए ट्रांसफर करने के लिए ठग आशीष कुमार नाम के व्यक्ति का अकाउंट नंबर 39414194894 देते हैं। यह अकाउंट नंबर भारतीय स्टेट बैंक के उत्तरप्रदेश के जिले मिर्जापुर की ब्रांच का है।
- ठगों का दावा है कि अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने के 10 मिनट बाद ही 25 लाख रुपए अकाउंट में आ जाएंगे।
- पैसे ट्रांसफर करते ही फोन उठाना बंद कर देते हैं।
एक साल पहले मुंबई की महिला को इसी झांसे में लेकर ऐंठे थे 18 हजार
हमने ऐसे मामलों से जुड़ी खबरें तलाशनी शुरू कीं। जहां केबीसी के ईनाम का झांसा देकर लोगों के साथ ठगी हुई हो। इंडिया टुडे वेबसाइट पर 1 अक्टूबर, 2019 की खबर मिली।
यह है पूरा मामला : मुंबई के कांदीवली की रहने वाली 25 वर्षीय अमीरुन्निसा से 30 अगस्त को वीडियो कॉलिंग ऐप के जरिए किसी अज्ञात व्यक्ति ने संपर्क किया। फोन पर यह नंबर KBC office और 'Government of India' नाम से दिखता था। यही वजह थी कि अमीरुन्निसा ने व्यक्ति पर विश्वास कर लिया। एडवांस शुल्क के रूप में 18,000 रुपए मांगे जाने पर अमीरुन्निसा ने दे दिए और लॉटरी की रकम का इंतजार करने लगीं।
कुछ दिनों के बाद अमीरुन्निसा के पास किसी अन्य नंबर से फोन आया। इस बार उनसे 25,000 रुपए टैक्स के तौर पर और सरकार को गलत जानकारी देने के लिए 40,000 रुपए देने को कहा गया। कमरुन्निसा अब समझ चुकी थीं कि उनके साथ धोखा हुआ है। उन्होंने 26 सितंबर, 2019 को कांदीवली पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी की शिकायत की।

केबीसी के अलावा और किस-किस तरह हो रही है ठगी ?
1 पीएम धन लक्ष्मी योजना का झूठा दावा
2 कॉलेज स्टूडेंट्स को 10,000 रुपए स्कॉलरशिप देने का दावा
3 कोरोना पीड़ितों के नाम पर ठगी कर रही आयुष्मान योजना की फर्जी साइट
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