एअर इंडिया के पायलटों की चेतावनी:सैलरी में कटौती होने पर पायलटों ने कहा- सरकार के इस फैसले से हताशा बढ़ेगी, इसके नतीजे खतरनाक होंगे
एअर इंडिया के पायलटों की चेतावनी:सैलरी में कटौती होने पर पायलटों ने कहा- सरकार के इस फैसले से हताशा बढ़ेगी, इसके नतीजे खतरनाक होंगे
- सरकार ने पायलटों की सैलरी में 40% और कर्मचारी भत्तों में 50% तक की कटौती की है
- कोरोना के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों को निकालने में एअर इंडिया की बड़ी भूमिका रही है
सरकारी एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया में कर्मचारियों की सैलरी में कटौती के मामले पर पायलटों ने अब चेतावनी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से पता चला है कि एयरलाइन की तरफ से सरकार को एक लेटर लिखकर बताया गया है कि सरकार के इस फैसले से पायलटों में हताशा बढ़ेगी। इसके नतीजे खतरनाक होंगे।
एयरलाइन के सीनियर पायलटों ने लिखा कि वेतन में कटौती पर पायलटों और उनके परिवार पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है। सरकार का फैसला भेदभाव वाला और मनमाना है। इससे पायलटों पर खतरनाक मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है। इसके नतीजे खतरनाक हो सकते हैं। कई बार यह साबित भी हुआ है।
विदेशों से भारतीयों को निकालने में 60 पायलट संक्रमित
कोरोनावायरस के टाइम में विदेशों से भारतीयों को निकालने में एअर इंडिया ने महत्वपूर्ण काम किया है। इस काम में 60 पायलट कोरोना संक्रमित तक हो गए। वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया अब तक 7 लाख 73 हजार भारतीयों को वापस ला चुकी है।एअर इंडिया पर करीब 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। सरकार इस एयरलाइन को बेचने की कोशिश में है, लेकिन दूर-दूर तक कोई सौदा होता दिख नहीं रहा है।
कंपनी कर चुकी है 40% सैलरी कटौती का ऐलान
पिछले सप्ताह ही एअर इंडिया ने अपने क्रू मेंबर्स और पायलटों की सैलरी में 40 फीसदी तक की कटौती का ऐलान किया था। कंपनी के मुताबिक, वेतन में की गई ये कटौती 1 अप्रैल 2020 से लागू होगी। बता दें कि एअर इंडिया हर महीने अपने कर्मचारियों को 230 करोड़ रुपए का भुगतान वेतन और भत्तों के तौर पर करती है। इस समय कंपनी आर्थिक संकट से जूझ रही है।कर्मचारी भत्तों मे 50% की भारी कटौती
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर कर्मचारी भत्तों में 50 प्रतिशत तक की भारी कटौती कर दी गई है। भत्तों का रेशनेलाइजेशन पहली अप्रैल, 2020 से लागू होगा और एअर इंडिया बोर्ड की समीक्षा तक लागू रहेगा। सभी कर्मचारियों के लिए भत्तों में कटौती की गई है।

Comments
Post a Comment