यूएस की चार साल पुरानी घटना को सऊदी अरब में कौवों का हमला बताकर शेयर किया जा रहा

फेक vs फैक्ट / यूएस की चार साल पुरानी घटना को सऊदी अरब में कौवों का हमला बताकर शेयर किया जा रहा

The US four-year-old incident is being shared as an attack of crows in Saudi Ara‌

दैनिक भास्कर

Jul 03, 2020, 01:36 PM IST

क्या वायरल : वॉट्सएप पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें बड़ी संख्या में कौवे लोगों के इर्द-गिर्द मंडरा रहे हैं। कौवों की संख्या इतनी ज्यादा है कि लोग डर के मारे अपनी गाड़ियों से बाहर नहीं निकल रहे। दावा है कि ये वीडियो सऊदी अरब का है। 

दावे के साथ वायरल हो रहा मैसेज दैनिक भास्कर के पाठक ने हमारी फैक्ट चेक टीम के वॉट्सएप नंबर पर भेजा।

  • वायरल मैसेज को फेसबुक और ट्विटर पर कॉपी-पेस्ट करने से पता चला कि एक महीने पहले भी यह वीडियो इसी दावे के साथ ही वायरल किया हुआ था। 

एक महीने पहले वीडियो के साथ वायरल हुए मैसेज

https://www.facebook.com/watch/?v=608064506461131
https://rb.gy/l9yysh

फैक्ट चेक पड़ताल

  • वीडियो के स्क्रीनशॉट्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर सोशल मीडिया की पोस्ट्स ही सामने आईं। वीडियो से जुड़ी कोई आधिकारिक खबर नहीं मिली।
  • वीडियो असल में किस घटना का है और कहां का है। ये जानने के लिए हमनेअलग-अलग कीवर्ड्स से गूगल सर्च करना शुरू किया। इस दौरान एक और फेसबुक पोस्ट मिली। लेकिन यह पोस्ट किसी सामान्य यूजर की नहीं बल्कि यूनाइडेट किंगडम के डेली मेल अखबार के फेसबुक पेज से की गई थी।
https://www.facebook.com/watch/?v=837911340056347
  • डेली मेल द्वारा 18 अप्रैल, 2020 को अपलोड किए गए वीडियो में लोकेशन के साइन के साथ टैक्सास, यूएसए लिखा हुआ है। यानी ये स्पष्ट हुआ कि वीडियो टैक्सास का है। 
  •  डेली मेल ने वीडियो में viralhog.com वेबसाइट को क्रेडिट दिया है। यानी ये वीडियो मूल रूप से वायरल हॉग का था। ़
  • Viralhog.com के यूट्यूब चैनल पर भी यह वीडियो 18 अप्रैल, 2020 को अपलोड किया गया है। चैनल द्वारा दिए गए डिस्क्रिप्शन से भी यही पता चलता है कि वीडियो टेक्सास का है। पर यह घटना 18 अप्रैल, 2020 की नहीं बल्कि 6 दिसंबर 2016 की है।

निष्कर्ष : वायरल हो रहा वीडियो सऊदी अरब का नहीं बल्कि यूएस के टेक्सास का चार साल पुरानी घटना का है। 


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