सौदेबाजी से संकट में गहलोत

सौदेबाजी से संकट में गहलोत / कांग्रेस के कम से कम 15 एमएलए के विधायकी छोड़ने पर अल्पमत में आ सकती है राजस्थान सरकार

Rajasthan Ashok Gehlot government may come in minority if at least 15 Congress MLAs quit

  • पायलट समर्थक 24 विधायकों ने पार्टी छोड़ी तो भी भाजपा को 14 अन्य विधायकों की जरूरत होगी
  • फिलहाल कांग्रेस के 107 विधायक हैं, इनके अलावा गहलोत को 13 निर्दलीय और एक आरएलडी विधायक का समर्थन है

दैनिक भास्कर

Jul 13, 2020, 06:18 AM IST

जयपुर. राजस्थान में सियासी उठापटक तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि सचिन पायलट खेमे के 24  कांग्रेसी विधायक मानेसर और गुड़गांव के होटलों में ठहरे हैं। इनके फोन भी बंद बताए जा रहे हैं। पायलट भी दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। माना जा रहा है कि गहलोत से नाराज चल रहे पायलट पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं। सुलह का रास्ता नहीं निकला तो पायलट गहलोत सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।

अगर मध्य प्रदेश की कहानी राजस्थान में भी दोहराई जाती है और पायलट समर्थक विधायक विधायकी छोड़ देते हैं तो गहलोत सरकार अल्पमत में आ जाएगी। आइए जानते हैं फिलहाल विधानसभा का क्या गणित है। किन स्थितियों में गहलोत सरकार संकट में आ सकती है। 

राजस्थान के सियासी हलचल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें ... 
1. सिंधिया-पायलट की दोस्ती और सियासी संकट? / पायलट के साथ 15 विधायक, क्या राजस्थान में भी दोहराई जा सकती है मध्य प्रदेश की कहानी?

2. राजस्थान सरकार सोशल मीडिया पर ट्रोल / एक यूजर ने लिखा- क्या सचिन पायलट अगले सिंधिया होंगे, दूसरा बोला- आत्मनिर्भर बनिए गहलोतजी!

3. राजस्थान के सियासी घमासान पर ग्राउंड रिपोर्ट / मंत्री-विधायकों का मुख्यमंत्री आवास पर आना जारी; एसओजी के नोटिस पर सीएम बोले- यह सामान्य प्रक्रिया, अन्यथा न लें

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